₹500 करोड़ के क्रिप्टो घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार; 12 दिन की रिमांड
- By Gaurav --
- Saturday, 18 Jul, 2026
ED Arrests Three in ₹500 Crore
हिमाचल प्रदेश के चर्चित 500 करोड़ रुपये से अधिक के क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मिलन गर्ग, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा शामिल हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीनों को विशेष पीएमएलए अदालत, शिमला में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया।
ईडी की जांच हिमाचल प्रदेश और पंजाब में दर्ज मामलों के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने कोर्वियो, डीजीटी, हाइपनैक्स्ट और ए-ग्लोबल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफे का लालच दिया और बड़े पैमाने पर निवेश जुटाया।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2018 से संचालित इस कथित नेटवर्क के माध्यम से 2.48 लाख से अधिक लोगों को क्रिप्टो निवेश के नाम पर जोड़ा गया। शुरुआती दौर में निवेशकों को रिटर्न देकर उनका भरोसा जीता गया, जबकि बाद में नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान कर कथित तौर पर पोंजी मॉडल के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन किया गया।
ईडी के मुताबिक, इस घोटाले में 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के वित्तीय लेन-देन हुए और निवेशकों को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच एजेंसी का दावा है कि मिलन गर्ग इस नेटवर्क की तकनीकी गतिविधियों का प्रमुख संचालक था। वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने, विदेशी सर्वरों पर उन्हें संचालित करने, क्रिप्टो वॉलेट्स का प्रबंधन करने और निवेशकों की राशि को विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर करने का काम संभालता था।
ईडी के अनुसार, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा शुरुआती प्रमोटरों में शामिल थे। दोनों ने लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया, बड़ी मात्रा में नकदी जुटाई और उसे मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचाया। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कथित घोटाले से कमीशन कमाया और अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों में लाभकारी हिस्सेदारी हासिल की।
इस मामले में हेमराज और मासूम जुनेजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा अभी फरार है। ईडी उसकी तलाश के साथ-साथ धन के प्रवाह, विदेशी निवेश, क्रिप्टो वॉलेट्स और कथित अवैध संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।